अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें और कमजोर मानसून वित्त वर्ष 2026-27 की आर्थिक वृद्धि के लिए सबसे बड़े जोखिम हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की विकास दर मजबूत बनी हुई है, लेकिन बाहरी आर्थिक परिस्थितियों और कृषि उत्पादन पर मौसम के प्रभाव का असर पड़ सकता है।
आईएमएफ ने कहा कि यदि ऊर्जा कीमतों में लगातार वृद्धि होती है या मानसून सामान्य से कमजोर रहता है, तो महंगाई और विकास दर दोनों प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, भारत की मजबूत घरेलू मांग और निवेश गतिविधियां अर्थव्यवस्था को सहारा देती रहेंगी।









