संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से संसद को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। हालांकि बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को बैठक में शामिल किए जाने का विरोध करते हुए प्रतीकात्मक वॉकआउट किया। बाद में विपक्षी दल दोबारा बैठक में शामिल हुए।
बैठक में विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी, प्रश्नपत्र लीक, किसानों की समस्याओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की। सरकार ने विपक्ष के सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि वह संसद के दोनों सदनों को सुचारु रूप से चलाना चाहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाला मानसून सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है।








